Ads Area

बिहार में बंद चीनी मिलें होंगी शुरू 2026: किसानों को मिलेगा फायदा, रोजगार बढ़ेगा

 

बिहार में बंद चीनी मिलों को फिर से शुरू करने की घोषणा करते हुए नीतीश कुमार की फोटो, किसानों को फायदा और रोजगार बढ़ने की खबर 2026
बिहार चीनी मिल न्यूज़ 2026 – किसानों को फायदा और रोजगार बढ़ेगा

बिहार में बंद चीनी मिलें होंगी शुरू 2026: किसानों को मिलेगा फायदा, रोजगार बढ़ेगा

बिहार सरकार ने बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से शुरू करने का बड़ा फैसला लिया है। जानें किन जिलों की मिलें खुलेंगी, किसानों और युवाओं को क्या लाभ मिलेगा – पूरी जानकारी यहाँ।



बिहार में सालों से बंद चीनी मिलें अब होंगी चालू – किसानों और युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी

नीतीश कुमार ने पटना में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान राज्य की वर्षों से बंद पड़ी चीनी मिलों को जल्द शुरू करने का निर्देश दिया है। यह फैसला बिहार के किसानों की आय बढ़ाने, स्थानीय रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से लिया गया है।

सरकार “समृद्ध उद्योग–सशक्त बिहार” लक्ष्य के तहत पुराने उद्योगों को पुनर्जीवित करने और नई चीनी मिलों की स्थापना पर भी तेजी से काम करने जा रही है।


किन जिलों की चीनी मिलें हैं बंद

राज्य के कई जिलों में वर्षों से चीनी मिलें बंद पड़ी हैं, जिनमें प्रमुख हैं:

  • चनपटिया – पश्चिम चम्पारण
  • बाराचकिया और मोतिहारी – पूर्वी चम्पारण
  • सासामूसा – गोपालगंज
  • मढ़ौरा – सारण
  • मोतीपुर – मुजफ्फरपुर
  • समस्तीपुर
  • सकरी और रैयाम – दरभंगा

इनमें सासामूसा चीनी मिल को जल्द शुरू करने की प्रक्रिया चल रही है, जबकि बाकी मिलों को भी चरणबद्ध तरीके से चालू किया जाएगा।


किसानों को क्या होगा फायदा

चीनी मिलों के फिर से चालू होने से:

  • गन्ना किसानों को समय पर भुगतान मिलेगा
  • फसल का बेहतर मूल्य सुनिश्चित होगा
  • परिवहन लागत कम होगी
  • ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी

इससे खेती को स्थायी आय का स्रोत बनाने में मदद मिलेगी।


युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर

चीनी मिलों के संचालन से:

  • स्थानीय स्तर पर हजारों नौकरियाँ बनेंगी
  • तकनीकी और गैर-तकनीकी दोनों प्रकार की भर्ती होगी
  • छोटे व्यापार और सप्लाई चेन को बढ़ावा मिलेगा

इससे पलायन कम होने की भी संभावना है।


बिहार को विकसित राज्यों में लाने की दिशा

राज्य सरकार का लक्ष्य चरणबद्ध योजना के तहत उद्योगों को बढ़ावा देकर बिहार को देश के विकसित राज्यों की सूची में शामिल करना है। बंद उद्योगों को पुनर्जीवित करना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



यह भी पढ़ें

निष्कर्ष

बिहार में बंद पड़ी चीनी मिलों को दोबारा शुरू करने का निर्णय किसानों, मजदूरों और युवाओं – सभी के लिए राहत भरी खबर है। यदि योजना तय समय पर लागू होती है, तो इससे राज्य की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण विकास को मजबूत आधार मिलेगा।


Tags

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Below Post Ad

Ads Area