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| World Largest Shivling in Motihari Bihar |
📍 मोतिहारी में स्थापित हुआ विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग — ऐतिहासिक क्षण, वैदिक मंत्रोच्चार और आस्था का सामूहिक उत्सव
📅 17 जनवरी 2026
बिहार के पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) के विराट रामायण मंदिर परिसर में एक ऐतिहासिक एवं धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण घटना घटित हुई — दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग विधिवत रूप से स्थापित किया गया। इस अनोखे शिवलिंग की स्थापना वैदिक मंत्रोच्चार और यज्ञ के बीच की गई, जहाँ हजारों श्रद्धालु, साधु-संत, और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
🛕 शिवलिंग का विशाल आकार और निर्माण
- यह शिवलिंग लगभग 33 फीट (करीब 10 मीटर) ऊंचा है और इसका वजन लगभग 210 मीट्रिक टन है — इसे विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग माना जा रहा है।
- यह एक ही ग्रेनाइट पत्थर से तैयार किया गया है, जिसे तमिलनाडु के महाबलीपुरम से बिहार तक विशेष 96-पहियों वाले ट्रक पर लाया गया।
- निर्माण में लगभग 10 साल और लाखों कारीगरों का योगदान रहा है।
🔱 स्थापना समारोह: अध्यात्म और भक्ति का संगम
स्थापना के दौरान वाराणसी, अयोध्या सहित विभिन्न प्रांतों के पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार किया, यज्ञ आयोजित किया गया और सभी देवी-देवताओं का आवाहन कर पूजा-अर्चना की गई।
इस मौके पर श्रद्धालु “हर हर महादेव” के संकीर्तन में अभिभूत थे।
🎉 विशेष उत्सव और कार्यक्रम
- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री तथा कई मंत्री भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे और भव्य पूजा का हिस्सा बने।
- स्थापना के बाद हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा और देश-विदेश की पवित्र नदियों के जल से जलाभिषेक की भव्य रस्म भी संपन्न हुई।
- आयोजन में लाखों श्रद्धालु शामिल हुए और यह क्षण मोतिहारी के इतिहास में एक यादगार अध्याय के रूप में दर्ज हुआ।
📈 धार्मिक और पर्यटन महत्व
यह विशाल शिवलिंग न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा देने में मदद करेगा। विराट रामायण मंदिर का पूरा परिसर 120 एकड़ में विस्तारित हो रहा है, जिसमें कई उप-मंदिर, आश्रम और उपयोगी सुविधाएँ विकसित की जा रही हैं।
📝 निष्कर्ष
मोतिहारी में विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग स्थापित होना एक ऐतिहासिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक घटना है। यह न केवल स्थानीय लोगों के लिए, बल्कि संपूर्ण भारत के लिए गर्व की बात है — जहाँ पुरानी परंपरा, भक्ति और सामूहिक आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला।

