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| Supreme Court |
🔴 Supreme Court में UGC के नए Rules पर सुनवाई, Caste Bias को लेकर उठा बड़ा सवाल
Supreme Court ने हाल ही में UGC (University Grants Commission) के नए regulations के खिलाफ दायर की गई याचिकाओं पर सुनवाई करने पर सहमति जताई है। ये मामला higher education institutions में caste-based discrimination से जुड़ा हुआ है, जिस पर देशभर में बहस तेज हो गई है।
UGC ने साल 2026 के लिए कुछ नए rules लागू किए हैं, जिनका मकसद universities और colleges में equity और equality को बढ़ावा देना बताया जा रहा है। लेकिन इन नियमों को लेकर कई लोग असहमति जता रहे हैं।
📌 UGC के नए Regulations क्या कहते हैं?
UGC के अनुसार, नए नियमों का मुख्य उद्देश्य campuses में भेदभाव को खत्म करना है। इसके लिए:
- हर university और college में Equity Committee बनाना अनिवार्य होगा
- Equal Opportunity Centre की स्थापना की जाएगी
- Students और teachers के लिए complaint और grievance redressal system बनाया जाएगा
- SC, ST, OBC, Women और Divyang वर्ग के प्रतिनिधियों को committees में शामिल किया जाएगा
UGC का दावा है कि इससे educational institutions ज्यादा safe और inclusive बनेंगे।
⚠️ विवाद की वजह क्या है?
इन नियमों के खिलाफ याचिका दायर करने वालों का कहना है कि:
- Caste-based discrimination की definition सीमित रखी गई है
- Rules में सिर्फ कुछ caste categories को ही protection दिया गया है
- General category के students और teachers को proper grievance mechanism नहीं मिल पा रहा
- यह व्यवस्था Article 14 (Right to Equality) के खिलाफ जाती है
इसी कारण इन rules को discriminatory और unconstitutional बताया जा रहा है।
⚖️ Supreme Court में क्या हुआ?
Supreme Court ने petitions को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि वह इस मामले को hearing के लिए list करेगा।
Petitioners का तर्क है कि:
- Discrimination किसी भी caste के व्यक्ति के साथ हो सकता है
- Rules को caste-neutral होना चाहिए
- Protection और complaint system सभी के लिए समान होना चाहिए
अब Court की final hearing के बाद ही यह साफ होगा कि UGC के नियमों में बदलाव होगा या नहीं।
🧑🎓 Students और Education System पर असर
इस मुद्दे का असर सीधे तौर पर:
- College और University students
- Teaching और non-teaching staff
- Campus administration
पर पड़ेगा। अगर Court rules में बदलाव का आदेश देता है, तो आने वाले समय में higher education policy में बड़ा change देखने को मिल सकता है।
🔍 Why this issue is important?
- Education system में fairness जरूरी है
- Discrimination रोकने के लिए rules strong होने चाहिए
- लेकिन rules inclusive और balanced भी होने चाहिए
इसी balance को लेकर अब Supreme Court फैसला करेगा।चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस ज्योमाल्या बागची की बेंच ने यूजीसी के नए नियमों पर सुनवाई करते हुए कहा कि यूजीसी के नए नियम अस्पष्ट हैं और इसके दुरुपयोग का खतरा है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के नए नियमों पर रोक लगा दिया है। मामले की अगली सुनवाई अब 19 मार्च को की जाएगी।
✅ Conclusion (Short & Clear)
UGC के नए regulations का मकसद भेदभाव खत्म करना है, लेकिन rules की language और scope को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
अब सबकी नजर Supreme Court की hearing पर है, जो यह तय करेगी कि ये नियम पूरी तरह सही हैं या इनमें सुधार की जरूरत है।

