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| बिहार के गांवों में PACS के माध्यम से जन औषधि केंद्र, आम लोगों को सस्ती दवाइयों की सुविधा देते हुए। |
🏥 बिहार में 302 PACS में जन औषधि केंद्र: सस्ती दवाइयों से आम आदमी को बड़ी राहत
बिहार में 302 PACS में जन औषधि केंद्र खोलने को मंजूरी। 50–90% सस्ती दवाइयां, B-फार्मा युवाओं को रोजगार और गांव स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधा।
📢 बड़ी खबर: PACS में खुलेंगे जन औषधि केंद्र
बिहार सरकार ने राज्य के प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोलने को हरी झंडी दे दी है। इस फैसले से ग्रामीण इलाकों में लोगों को 50% से 90% तक सस्ती जेनेरिक दवाइयां मिलेंगी और स्वास्थ्य सेवाएं और सुलभ होंगी।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की इस पहल से आम आदमी की जेब पर पड़ने वाला इलाज का बोझ काफी हद तक कम होगा।
📊 प्रगति अपडेट (जन औषधि केंद्र – Bihar PACS)
- बिहार के 38 जिलों में कुल 420 PACS का चयन
- 302 PACS को आधिकारिक स्वीकृति
- 30 PACS को ड्रग लाइसेंस प्राप्त
- 26 PACS को स्टोर कोड जारी
- 8 जनवरी तक 22 जन औषधि केंद्र शुरू
- सभी केंद्र B-फार्मा / D-फार्मा योग्य युवाओं द्वारा संचालित होंगे
👉 इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार भी मिलेगा।
🏪 PACS की अतिरिक्त सुविधाएं: कॉमन सर्विस सेंटर (CSC)
बिहार के 6,292 PACS में पहले से ही कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) संचालित हैं, जिनके माध्यम से 300 से अधिक सेवाएं दी जा रही हैं:
🧾 प्रमुख CSC सेवाएं:
- आधार कार्ड सेवाएं
- पैन कार्ड
- बीज एवं खाद वितरण
- बैंकिंग व बीमा सेवाएं
- सरकारी योजनाओं के आवेदन
📈 अब तक इन सेवाओं से ₹5 करोड़ से अधिक का व्यवसाय हो चुका है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।
✅ जन औषधि केंद्र के प्रमुख लाभ
✔️ ब्रांडेड दवाओं की तुलना में 50–90% सस्ती जेनेरिक दवाएं
✔️ गांव में ही दवा मिलने से समय और यात्रा खर्च की बचत
✔️ PACS को आय का नया स्रोत
✔️ ग्रामीण स्तर पर स्वास्थ्य + डिजिटल सेवाओं की आसान पहुंच
✔️ स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर
🌱 ग्रामीण बिहार के लिए बड़ा बदलाव
PACS में जन औषधि केंद्र खुलने से स्वास्थ्य, रोजगार और डिजिटल सेवाओं का एक मजबूत नेटवर्क गांवों तक पहुंचेगा। यह पहल आत्मनिर्भर ग्रामीण बिहार की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
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